सतना जंक्शन के बाहर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की अव्यवस्था से रोजाना जाम लग रहा है। नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े होने से यात्रियों, एम्बुलेंस और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सतना जंक्शन में वेंडर रोजाना रेल ट्रैक पार कर जान जोखिम में डाल रहे, नियमों की अनदेखी जारी, आरपीएफ की कार्रवाई के बावजूद नहीं रुक रही घटनाएं, हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा
सतना जंक्शन में एटीव्हीएम फेसीलेटर नियुक्ति में फर्जी दस्तावेज मिलने पर रेलवे ने टेंडर निरस्त किया। नई प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, वहीं फेसीलेटर न होने से यात्रियों को टिकट काउंटरों पर लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा।
सतना जंक्शन पर रेलनीर की ओवरचार्जिंग का मामला, यात्री की शिकायत पर वेंडर पकड़ा गया, रेलवे अधिनियम में केस दर्ज।
सतना जंक्शन पर रेल सुरक्षा बल लागू करेगा फेस रिकग्निशन सिस्टम, सीसीटीवी से अपराधियों की पहचान और त्वरित कार्रवाई।
माघ मेला 2026 की शुरुआत के साथ ही प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने सतना और मैहर जंक्शन पर विशेष होल्डिंग एरिया तैयार किए हैं। प्लेटफॉर्म भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, विश्राम और सुविधाओं को लेकर महाकुंभ मॉडल पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
रेलवे की नई समय-सारणी के तहत सतना जंक्शन पर ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान समय में अहम बदलाव किए गए हैं। इंटरसिटी एक्सप्रेस और प्रयागराज छिवकी–इटारसी एक्सप्रेस के समय में परिवर्तन के चलते यात्रियों को पहले से स्टेशन पहुंचने की सलाह दी गई है, जबकि कुछ ट्रेनों की गति बढ़ी तो मेमू की चाल और धीमी हो गई है।
सतना जंक्शन पर रेलवे स्वच्छता पखवाड़ा अंतर्गत फूड स्टॉल और वेंडरों की जांच की गई। यात्रियों को शुद्ध व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए नाखून तक चेक किए गए। वहीं जबलपुर में जल संकट के चलते सतना और कटनी स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था की गई।
सतना जंक्शन में 1 जून से नया सफाई ठेका लागू होने के बाद भी स्टेशन की साफ-सफाई की स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। जबलपुर मंडल के एसीएम धर्मेन्द्र सिंह ने निरीक्षण में गंदगी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और ठेकेदार कंपनी पर बार-बार पेनाल्टी लगाई जा रही है।
सतना रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो चालकों की मनमानी और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों ने जाम की समस्या को स्थायी बना दिया है। ट्रेन आने के साथ ही यात्रियों को अंदर-बाहर निकलने में भारी परेशानी होती है। पार्किंग ठेका खत्म होने से व्यवस्थाएं ध्वस्त हैं और दोपहिया वाहन चोरी जैसी घटनाएं भी बढ़ रही हैं। यात्री और स्थानीय लोग रेलवे प्रशासन से सख्त कार्रवाई और नई पार्किंग व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।






















